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भारत में सेक्स के खिलौने का उपचार

 भारत में सेक्स के खिलौने का उपचार

सेक्स खिलौनें भारत में कई वर्षों से प्रचलित है। ये आज ही नहीं वरन् कई वर्षों से अपनी पहचान बनाये हुए है। वर्तमान समय में इनकी मांग काफी बढ़ने लगी है। वैसे तो कुछ दिनों पहले इसका मार्केट इतना विकसित नहीं था। लेकिन आज ये खिलौनें सब कपल्स की पसंद बने हुये है। सेक्स खिलौंने पूरी तरह से मानव जननागों के समान ही होते है। पुरूष और महिला इन खिलौनों से सेक्स प्ले कर सकते है। आजकल की बिजी लाइफ में पार्टनर एक दूसरे से सन्तुष्ट नहीं हो पाते जिससे उनका पूरा असर सेक्स की नाराजगी पर जाहिर होता है। लेकिन पार्टनर इस बात से सन्तुष्ट नहीं हैं कि उनका पार्टनर उनको सेक्स प्लेजर नहीं दे पाता, वो आंनद नहीं दे पाते जो उनकी इच्छा होती है। वो उनकी इच्छाओं को नया आंनद नहीं दे पाते।

सेक्स खिलौंने इसी उद्येश्य के साथ तैयार किये गये है इसका उपयोग सेक्स लाइफ में भरपूर आंनद भर देता है। चाहे आप अकेले हो या अपने पार्टनर के साथ इन खिलौनों का उपयोग अपने सेक्स आंनद के लिए कर सकते है। इसके बिना आपको किसी एक साथी की जरूरत होती थी। लेकिन इनसे ये कमी भी पूरी हो गयी।

अनाल डिल्डो:

इसके उपयोग से गुदा को उत्तेजित किया जाता है। ये भिन्न भिन्न आकार और शेप में पायी जाती है। जिनसे अपने पार्टनर को किसी अन्य साथी के गुदा में प्रवेश कराया जाता है। इस डिल्डो को जोर से पश्च भाग में प्रवेश कराया जाता हैं। इनमें डॉटेड डिल्डो भी आते हैं जिनके रगड़ से ज्यादा आंनद लिया जा सकता है।

बॉल गेग:

इसका उपयोग गुदा को उत्तेजना से भरने के काम में लिया जाता है। इसके साथ ही लुब्रीकेंट का उपयोग इसके साथ किया जा सकता है। इसके उपयोग से ये अनाल में आसानी से प्रवेश हो जाता है।

बुलेट वाइबे्रटर:

यह सेक्स खिलौना जो कपल्स पहली बार सेक्स खिलौने का उपयोग करने के लिए ये बुलेट वाइब्रेटर जरूरी है। ये योनि में प्रवेश के साथ कम्पन पैदा करता है। ये बहुत ही कोमल और आसानी से इन्सर्ट होने वाला वाइब्रेटर है।

सेक्स के प्लेजर के लिए पुरूष या महिला या दोनों सेक्स की पीड़ा को भोगने में बड़ा ही मजा आता है। जिसको बीडीएसएम के द्वारा समझा जा सकता है। इसमें एक पार्टनर को किसी रस्सी से या बाण्डेज से बंधित कर दिया जाता है और फिर उस पर हाथों से मारना या किसी सेक्स टॉयज से उसके यौन अंगों पर वार किये जाते है। इसके दौरान होने वाली पीड़ा को ही परपीड़क पार्टनर एन्जॉय करते है।

भारत में सेक्स के खिलौने का इतिहास

 भारत में सेक्स के खिलौने का इतिहास

भारत आज भी जब किसी नई चीज की खोज की जाती है। तो उसका कोई ना कोई आकार या हिस्सा पुराने जमाने या प्राचीन समय से जुडा हुआ होता है। इसी प्रकार यहां पर भी कई प्राचीन गुफायें पायी जाती है। जिनमें आश्चर्यजनक वस्तुएं पायी जाती है। इसी तरह अजन्ता की गुफाओं में भी कई तरह के सेक्स खिलौनें पाये गये है। इनमें अनाल खिलौने प्रमुख आकर्षण का केंद्र है। पहले के समय में भी कई लोग इन सबका उपयोग करते थें। इनको और दीवार पर चित्रण को देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है। सेक्स के खिलौनों का शौक काफी प्राचीन रहा है। कई लोग जानवर के सींग से इनका अपने लिंग को ढ़कने के काम मे लेते थे। जो अनाल टॉयज के रूप में भी प्रचलित हुआ।

प्राचीन समय में भी प्रोनोग्राफी का काफी चित्रण हुआ करता था। जिसका नजारा कई हवेलियां और प्राचीन गुफाओं मे अक्सर देखने को मिलता है। भारत की मान्यता और संस्कार इन चीजों को स्वीकारने में थोड़ा झिझकते है। लेकिन वर्तमान समय में इन सबको सामान्य रूप में देखा जाने लगा है।

प्राचीन समय में सेक्स खिलौने का उपयोगः

कामसूत्र के बारे में हम भली-भांति प्रचलित हैं यह भी महर्षि वात्स्यायन के द्वारा लिखित पुस्तक है। यह भारत में लिखी गयी सेक्स के उपर पहली किताब हैं जो विश्व भर में प्रसिद्ध हुयी है। इस पुस्तक में सेक्स के बारे में विस्तार से सारी बातें समझायी हुयी है।

सेक्स खिलौनों का उपयोग भारत में काफी समय से होता आ रहा है। कई राजा भी अपनी कामुक इच्छाओं को शान्त करने के लिए इन खिलौनो का सहारा लेते थे।

कुछ समय पहले भी मशीनी अनाल द्वारा मलद्वार में प्रवेश किया जाता था। लेकिन आज हेण्ड हेल्ड हैं। उस समय वो पम्प से चलने वाला उपकरण होता था।

इसके साथ ही वाइब्रेटर भी कोई आज का आविष्कार नहीं है इसका आविष्कार भी कई वर्षों पहले हो चुका था जो मशीनी था। ये भी पम्प के जरिये चलने वाला उपकरण था।

दुनिया में सेक्स के खिलौने का इतिहास

 दुनिया में सेक्स के खिलौने का इतिहास

जिस तरह से भारत में सेक्स खिलौनो का बाजार हैं उसी तरह विश्व में भी इसका बाजार फैला हुआ है। कई तरह के सेक्स खिलौने तो विदेशों मे अपनी जगह बना चुके है। जहां पर ये विश्व फैमस हैं ये सेक्स खिलौने कई लोगों की खास सेक्स का आकर्षण का केंद्र बना हुये है।

अगर दूसरे देशों से सेक्स खिलोनों की तुलना की जायें तो भारत में पहले ही कल्पना को पूरा साकार किया जा चुका है। इन सेक्स खिलौनों को आज के दौर मे सामान्य माना जाता हैं क्यों कि युवक और युवतियों दोनो की पसंद बना हुआ है। सेक्स का सबसे बडा क्रेज विदेशों मे ही है।

जर्मनी में 2005 में एक बडा डिल्डो सामने आया जिसका आकार सामान्य से बडा था ये भी जर्मनी की किसी गुफा में ही पाया गया। ये कई रूपों में जैसे अनाल डिल्डो, छल्ले नुमा कई रूपों में खोज की जा चुकी है।

लन्दन में हाल ही में एक डिल्डो पाया गया हैं जिसका पूरा रूप पुरूष के लिंग के समान है। रिपोर्ट के मुताबिक इनका इस्तेमाल अश्लील फिल्मों में किया जाता था।

फ्रा नाग की गुफाओं में भी डिल्डों की खोज की जा चुकी है। वहां पर कई तरह के आकार और रंगों में डिल्डो पाये गये है। इन पर यहां लोग अलग तरह के कपडे़ बाधंते है।

सेक्स खिलौनों का बाजार आज का सबसे बडा एंटरटेनमेंट बाजार बनने जा रहा है। इसमें सेक्स से जुडे हर तरह के खिलौनों का समावेश होगा। साथ ही सेक्स खिलौनें से आपके पार्टनर में आप खोया हुआ जोश पा सकते हैं। इसके उपयोग से उनमें नई स्फूर्ति और नई ताजगी के साथ ज्यादा समय एक दूसरे के साथ बिता सकते है। विश्वास खो चुके कपल्स इन खिलौनों के साथ अपने पार्टनर में नया आनंद पा सकते है।

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